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जामनगर के बारे में
 
 
 
सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय, जामनगर का क्षेत्राधिकार
 
केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग के पुनर्गठन के परिणामस्वरूप सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय, जामनगर 01/11/2002 से अस्तित्व में आया। सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय, जामनगर का स्थापना तत्कालीन सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय, अहमदाबाद से पृथक कर किया गया है। सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय, अहमदाबाद के अंतर्गत चार मंडल यथा सीमा शुल्क मंडल , जामनगर, पोरबंदर, भावनगर, भुज और दो बंदरगाह GPPL, पीपावाव और GAPL, मुंद्रा शामिल थे। सीमा शुल्क (एनटी) अधिसूचना संख्या 37/2006 दिनांक 27/03/2006 के द्वारा केंद्रीय सीमा शुल्क (एनटी) अधिसूचना सं. 15/2002 दिनांक 07/03/2002 को संशोधित कर दिया गया और इसके तहत गुजरात अदानी पोर्ट लिमिटेड (GAPL), मुंद्रा जो कि कच्छ जिले में अवस्थित है, को 01.04.2006 से कांडला आयुक्तालय को हस्तांतरित कर दिया गया था। पुनः सीमा शुल्क (एनटी) अधिसूचना संख्या 87/2006 & 89/2006 दिनांक 11/08/2006 एवं 18/08/2006 के द्वारा केंद्रीय सीमा शुल्क (एनटी) अधिसूचना सं. 15/2002 दिनांक 07/03/2002 को संशोधित कर दिया गया और इसके तहत पुरे कच्छ जिले को (सीमा शुल्क मंडल, भुज सहित) को 15/08/2006 से कांडला आयुक्तालय को हस्तांतरित किया गया था।

सीमा शुल्क (निवारक) आयुक्तालय, जामनगर सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्र के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। आयुक्तालय के अंतर्गत वर्तमान में तीन सीमा शुल्क मंडल जामनगर, पोरबंदर, भावनगर और तीन सीमा शुल्क सदन पीपावाव, सिक्का और ओखा कार्यरत हैं। इन सभी कार्यालयों के प्रधान उप / सहायक आयुक्त हैं। तीनों मंडलों के अंतर्गत उनके अधीनस्थ कार्यालय की व्यवस्था है और इसके अंतर्गत मूल्यांकन कार्य सीमा शुल्क सदन और निरावक कार्य तट रक्षक इकाइयों द्वारा संपादित और नियंत्रित किया जाता है।
 
संरचनाओं का विवरण: ( उप / सहायक आयुक्त की अध्यक्षता में)

सीमा शुल्क मंडल

सीमा शुल्क सदन

1

सीमा शुल्क मंडल, भावनगर

1

सीमा शुल्क सदन, ओखा

2

सीमा शुल्क मंडल, जामनगर

2

सीमा शुल्क सदन, पीपावाव

3

सीमा शुल्क मंडल, पोरबंदर

3

सीमा शुल्क सदन, सिक्का

 
मंडल के क्षेत्राधिकार क्षेत्र

मंडल

तट रेखा

प्रादेशिक क्षेत्र

जामनगर

300 किमी।

35,817 वर्ग। किमी।

पोरबंदर

240 किमी।

10607 वर्ग। किमी।

भावनगर

250 किमी।

11155 वर्ग। किमी।

कुल

790 किमी।

57,579 वर्ग। किमी।

 
इस आयुक्तालय के तहत मंडलवार सीमा शुल्क सदन, तट रक्षक इकाइयों और आरसीपी/ एल सी एस का ब्यौरा इस प्रकार है:
क्रमांक 

मंडल

तट रक्षक इकाइ

आरसीपी/ एलसी एस

सीमा शुल्क सदन

(1)

जामनगर

सिक्का

खम्भलिया

सलाया

 

 

सलाया

राजकोट

वाडिनार

 

 

नवलखी

 

जामनगर

 

 

 

 

जोड़िया

 

 

 

 

नवलखी

(2)

भावनगर

महुवा

भावनगर

भावनगर

 

 

जाफराबाद

अमरेली

घोघा

 

 

दीव

 

अलंग

 

 

सिमेर

 

तलाजा

 

 

राजपरा

 

महुवा

 

 

तलाजा

 

जाफराबाद

 

 

घोघा

 

सिमेर

 

 

नवा बंदर

 

दीव

 

 

 

 

वानाक्बरा

 

 

 

 

विक्टर

(3)

पोरबंदर

माधवपुर

जूनागढ़

मुलद्वारका

 

 

मंगरोल

 

वेरावल

 

 

वेरावल

 

मंगरोल

 

 

कोडीनार

 

पोरबंदर

 

 

 

 

कोटडा

 

 

 

 

माधवल

(4)

GPPL, पिपावाव

-

-

पीपावाव

(5)

ओखा

ओखा

-

ओखा

 

 

द्वारका

-

रूपेण

(6)

सिक्का

-

-

सिक्का

जामनगर शहर के बारे में
जामनगर शहर की स्थापना सन 1540 ईस्वी में जाम रावल , जो कि कच्छ से विस्थापित एक जडेजा राजपूत नेता थे, के द्वारा किया गया था। जामनगर चार शताब्दियों तक प्राचीन नवानगर की समृद्ध रियासत की राजधानी थी। जामनगर को “काठियावाड़ का गहना” के रूप में भी जाना जाता है। यह एक तटीय शहर है जो अहमदाबाद और राजकोट से क्रमशः 300 किलोमीटर 92 किलोमीटर पश्चिम में अवस्थित है।

जामनगर विश्व प्रसिद्ध क्रिकेटरों रंजीत सिंह और दिलीप सिंह का गृह नगर है जिनके नाम पर क्रमशः रणजी ट्रॉफी  और  दलीप  ट्रॉफी का आयोजन घरेलू भारतीय क्रिकेट टूर्नामेंट के तौर पर किया जाता हैं।

जामनगर को  कपड़े, रेशमी कपडे  और सोने की कढ़ाई   व रंगरेजी और बंधानी और पीतल के काम के लिए जाना जाता हैं।

जामनगर को प्रताप विलास पैलेस, रणमल तालाव, भुजिया कोठा  और अन्य पुराने और प्राचीन स्मारक और सम्मुख, बहुरूपी  व सडकों का विस्तृत चौक पट्टी  प्रतिरूप इसे सौराष्ट्र क्षेत्र के सबसे सुंदर शहरों  में से एक बनाते हैं।

उपरोक्त के अलावा, जामनगर के समुद्र तट से लगभग 16 नौटिकल मील दूर  अरब सागर में “पिरोटन द्वीप” जो कि अपनी तरह का  एकमात्र मरीन नेशनल पार्क है, अवस्थित  है। इस द्वीप का क्षेत्रफल लगभग 3.0 वर्ग किलो मीटर है, और यह द्वीप समुद्री वृक्ष के घने जंगल "मैंग्रोव" से भरा हुआ है। पिरोटन द्वीप का परिदृश्य अत्यनत मनोरम एवं सूर्योदय और सूर्यास्त बहुत ही भव्य हैं।

पुरे जंगल और प्रवाल-शैलमाला (मूंगा  की चट्टान) द्वीप पर विभिन्न तरह के समुद्री जीवन हैं जैसे कि किंग क्रैबस, हर्मिट क्रैबस, घोस्ट क्रैबस, बिच्छू, वाइपर इसोस्सलेस, समुद्री सर्प, समुद्री घोंघे इत्यादि। इस द्वीप का जंगल विभिन्न पक्षियों की प्रजातियों के अवलोकन हेतु बेहतरीन जगह है।
 
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